त्योहार के अगले दिन सुबह सात बजे मोहल्ले में झाड़ू की आवाज़ पहले उठती है, किसी और चीज़ से...
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त्योहार के अगले दिन सुबह सात बजे मोहल्ले में झाड़ू की आवाज़ पहले उठती है, किसी और चीज़ से...
रात के चार बजकर बाईस मिनट पर प्लेटफ़ॉर्म नंबर तीन पर कुल तीन बेंचें थीं। दो पर ताला पड़ा था। वह...
रात के ग्यारह बजे थे जब उसने आखिरी कार्डबोर्ड बॉक्स को टेप किया। कमरे में अब सिर्फ एक मैट्रेस बची...
रात के ग्यारह बजे थे जब उसने आख़िरी डिब्बा बंद किया। स्कॉच टेप की चरमराहट रुकी, तो कमरे में बस एक...
कमरे में एक खाली थर्मस था और दीवार पर टेप के चार निशान। वह रात के ग्यारह बजे सामान बाँध रही थी।...
रात के नौ बजे थे जब उसने दीवार से आखिरी तस्वीर उतारी।
नीचे टेप के चार पीले निशान रह गए — जैसे किसी ने उंगलियों से दबाकर कुछ थामे रखने की कोशिश की हो, और फिर छोड़ दिया हो।
कमरे में अब सिर्फ एक खाली थर्मस था, कोने में ठंडी हो चुकी दाल की कटोरी, और खिड़की की मुंडेर पर पड़ा एक पुराना Nokia चार्जर। यहाँ वह तीन बरस रही थी — पहले कोचिंग, फिर नौकरी, फिर वह दोपहर जब पहली तनख्वाह आई थी और उसने अकेले ही मिठाई खाई थी, खिड़की के बाहर देखते हुए।
उसने चार्जर उठाया। माँ ने यह उसे पहले दिन दिया था। "ये तुम्हारे पापा वाला है, ध्यान रखना।" उसे पता था यह चार्जर किसी Nokia के काम का नहीं था, लेकिन उसने रखा था। तीन साल।
बाहर किसी घर में रेडियो बज रहा था — पुराना फिल्मी गाना, जिसके बोल पूरे नहीं पहुँचते थे, सिर्फ धुन आती थी, दरवाज़े की दरार से।
उसने थर्मस का ढक्कन खोला। अंदर कुछ नहीं था — बस उस पानी की हल्की गंध जो कभी था।
सुबह ट्रक आने वाला था। डिपॉज़िट मिल गया था। नई जगह की खिड़की दक्षिण की तरफ थी — मकान मालिक ने फ़ोन पर खुश होकर बताया था, जैसे यह कोई तोहफा हो।
उसने बत्ती बुझाई। अंधेरे में दीवार पर वे टेप के निशान नहीं दिखते थे। लेकिन वह जानती थी कि वे वहाँ हैं — जैसे कुछ चीज़ें हमेशा रहती हैं, सिर्फ दिखना बंद हो जाता है।
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