रात के चार बजकर बाईस मिनट पर प्लेटफ़ॉर्म नंबर तीन पर कुल तीन बेंचें थीं। दो पर ताला पड़ा था। वह...
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रात के चार बजकर बाईस मिनट पर प्लेटफ़ॉर्म नंबर तीन पर कुल तीन बेंचें थीं। दो पर ताला पड़ा था। वह...
रात के ग्यारह बजे थे जब उसने आखिरी कार्डबोर्ड बॉक्स को टेप किया। कमरे में अब सिर्फ एक मैट्रेस बची...
रात के ग्यारह बजे थे जब उसने आख़िरी डिब्बा बंद किया। स्कॉच टेप की चरमराहट रुकी, तो कमरे में बस एक...
रात के नौ बजे थे जब उसने दीवार से आखिरी तस्वीर उतारी। नीचे टेप के चार पीले निशान रह गए — जैसे किसी...
कमरे में एक खाली थर्मस था और दीवार पर टेप के चार निशान। वह रात के ग्यारह बजे सामान बाँध रही थी।...
रात के चार बजकर पैंतीस मिनट।
प्लेटफ़ॉर्म नंबर दो पर एक औरत अपनी थर्मस की टोपी खोल रही थी। थर्मस पुराना था — उसकी टोपी पर भूरा टेप लगा था, जो किसी चीज़ को ठीक नहीं करता, बस उसे थामे रखता है। उसने गर्म पानी एक कागज़ के कप में उड़ेला। भाप उठी, ठंडी हवा में घुली, और गायब हो गई।
पास वाली बेंच पर एक Nokia चार्जर का तार लटक रहा था — किसी झोले से आधा बाहर, मालिक के बिना। हल्की हवा में हिल रहा था, जैसे किसी के जाने के बाद का हाथ।
दूर एक सफ़ाई कर्मचारी झाड़ू चला रहा था। झप, झप, झप। हर आवाज़ खाली प्लेटफ़ॉर्म पर थोड़ी देर तैरती, फिर कहीं डूब जाती। ऊपर पीला बल्ब जल रहा था — उस तरह से जैसे कोई सो नहीं पाया हो और बस जागता रहा हो, बिना किसी कारण के।
औरत ने कप में फूँक मारी। चाय नहीं थी उसमें — बस गर्म पानी। पर फूँक मारने की आदत होती है।
पटरियों के उस तरफ़ अंधेरा था। न कोई ट्रेन का संकेत, न कोई आवाज़। सिर्फ़ वह खाली पसरा हुआ अंधेरा जो बड़े स्टेशनों पर आख़िरी लोकल और पहली ट्रेन के बीच रहता है — जब रात रुकती है और सुबह अभी तैयार नहीं होती।
थोड़ी देर बाद एक बूढ़ा आया और उसी बेंच पर बैठ गया जहाँ Nokia का तार लटक रहा था। उसने तार उठाया, पलट कर देखा, वापस रख दिया। फिर जेब से एक पुरानी डायरी निकाली। उसके कवर पर भी एक टेप का टुकड़ा था — वही भूरा, वही थका हुआ। उसने पन्ने पलटे, एक जगह उँगली रखी, पर पढ़ा नहीं। बस देखता रहा। फिर डायरी बंद कर दी।
औरत की नज़र उस टेप पर गई।
बूढ़े ने महसूस किया और ऊपर देखा।
कोई कुछ नहीं बोला।
दूर से पहली ट्रेन की आवाज़ आई — वह आवाज़ जो अंधेरे को नहीं तोड़ती, बस उसमें एक पतली रेखा खींच देती है।
बूढ़ा उठा। उसने Nokia का तार नहीं उठाया — वहीं छोड़ दिया। प्लेटफ़ॉर्म के उस छोर की तरफ़ धीरे चला गया जो अभी रोशनी में नहीं था।
औरत ने थर्मस की टोपी बंद की। टेप थोड़ा और उखड़ गया — पर थर्मस बंद हो गया।
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