आज सुबह की ठंडी हवा में कुछ अलग ही ताजगी थी। जब मैं सुबह 5:30 बजे दौड़ने निकला, तो पार्क में पक्षियों की आवाज़ें सुनकर लगा कि शरीर और मन दोनों को इसी शांति की जरूरत थी। पिछले हफ्ते मैं थोड़ा ज्यादा push कर रहा था—हर दिन intense workout, कम आराम, और लगातार यह सोचना कि "एक दिन की छुट्टी से सब बर्बाद हो जाएगा।"
लेकिन कल रात मेरे कोच ने कहा, "आराम भी ट्रेनिंग का हिस्सा है, भाई।" यह बात मुझे समझ आई जब आज सुबह मेरे घुटने में हल्का दर्द महसूस हुआ। मैंने फैसला किया कि आज की दौड़ 5 किमी की जगह सिर्फ 3 किमी रखूंगा, और बाकी समय stretching और mobility work में लगाऊंगा। यह छोटा बदलाव था, लेकिन workout के बाद शरीर में जो हल्कापन महसूस हुआ, वह intense session के बाद वाली थकान से बेहतर था।
आज की दिनचर्या: