आज सुबह 5 बजे अलार्म की आवाज़ से पहले ही आँख खुल गई। बाहर हल्की ठंडी हवा चल रही थी, और खिड़की से आती रोशनी में धुंध की हल्की परत दिख रही थी। पानी का एक गिलास पिया, हल्का स्ट्रेचिंग किया, और 20 मिनट का वार्म-अप शुरू किया। शरीर थोड़ा भारी लग रहा था—शायद कल की लेग डे की वजह से—लेकिन मैंने खुद से कहा, "थकान असली नहीं है, बस मन का खेल है।"
जिम में पहुँचकर पहले 10 मिनट रनिंग की। फिर अपर बॉडी का सेशन शुरू किया: पुश-अप्स 4 सेट्स (15 रेप्स), डंबल प्रेस 3 सेट्स (12 रेप्स), पुल-अप्स 3 सेट्स (8 रेप्स), और शोल्डर प्रेस 3 सेट्स (10 रेप्स)। आज एक छोटी गलती हुई—तीसरे सेट में फॉर्म टूट गया क्योंकि मैंने जल्दबाज़ी में वजन बढ़ा दिया। तुरंत रुका, वजन कम किया, और सही फॉर्म के साथ दोबारा किया। फॉर्म हमेशा वजन से ज़्यादा महत्वपूर्ण है—यह बात मुझे बार-बार याद दिलानी पड़ती है।
सेशन के बाद 15 मिनट का कूल-डाउन और स्ट्रेचिंग किया। शावर लेते समय गर्म पानी ने मांसपेशियों को राहत दी। नाश्ते में ओट्स, केला, और एक स्कूप प्रोटीन—सादा लेकिन असरदार। क्या यह बोरिंग है? हाँ, थोड़ा। लेकिन क्या यह काम करता है? बिल्कुल। अनुशासन का मतलब यही है: हर रोज़ वही सही चीज़ें करना, चाहे मन हो या न हो।