आज सुबह एक बच्ची ने मुझसे पूछा, "पानी का रंग क्या है?" मैंने कहा, "रंगहीन।" उसने तुरंत बोली, "तो समुद्र नीला क्यों दिखता है?" बिल्कुल सही सवाल, मैंने सोचा।
ज्यादातर लोग मानते हैं कि पानी पूरी तरह रंगहीन है। यह आधा सच है। थोड़ी मात्रा में पानी रंगहीन दिखता है, लेकिन बड़ी मात्रा में यह हल्का नीला होता है। क्यों? क्योंकि पानी के अणु लाल प्रकाश को अधिक सोखते हैं और नीली रोशनी को कम। जब सूरज की किरणें गहरे पानी से गुजरती हैं, लाल तरंगदैर्ध्य अवशोषित हो जाती हैं और नीली बची रहती हैं।
मैंने उसे एक छोटा प्रयोग बताया। एक सफेद बाथटब में साफ पानी भरो—रंगहीन दिखेगा। लेकिन किसी गहरी झील या स्विमिंग पूल में खड़े होकर देखो, थोड़ा नीला रंग साफ दिखेगा। यह रंग आकाश के प्रतिबिंब से नहीं, बल्कि पानी की आणविक संरचना से आता है।