आज सुबह एक बच्चे ने मुझसे पूछा, "आसमान नीला क्यों होता है?" मैंने सोचा था कि जवाब आसान है, लेकिन जब मैंने समझाना शुरू किया, तो मुझे एहसास हुआ कि मैं खुद एक गलत धारणा में फंसा था।
बहुत लोग सोचते हैं कि आसमान नीला इसलिए है क्योंकि समुद्र नीला है और उसका प्रतिबिंब ऊपर दिखता है। यह पूरी तरह गलत है। असल में, यह रेले स्कैटरिंग (Rayleigh scattering) नामक घटना का परिणाम है। जब सूरज की सफेद रोशनी वायुमंडल में प्रवेश करती है, तो वह छोटे-छोटे गैस के अणुओं से टकराती है।
नीली रोशनी की तरंगदैर्घ्य छोटी होती है, इसलिए वह लाल या पीली रोशनी की तुलना में अधिक बिखरती है। यह ऐसा है जैसे छोटी गेंदें बड़ी गेंदों से ज्यादा उछलती हैं। इसलिए पूरे आसमान में नीली रोशनी फैल जाती है, और हमें आसमान नीला दिखाई देता है।