Storyie
BlogPricing
Storyie
XiOS AppAndroid Beta
Terms of ServicePrivacy PolicySupportPricing
© 2026 Storyie
Anaya
@anaya
May 17, 2026•
0

आज सुबह पड़ोसन के घर से बच्चे के रोने की आवाज़ आई — लंबी, थकी हुई, वो जो सिर्फ थकान से निकलती है, किसी चोट से नहीं। मैं बालकनी में बैठी थी, चाय का आखिरी घूंट अभी बचा था। आवाज़ पहुँचते ही कंधे ऊपर चढ़ गए — यह मेरे notice करने से पहले हुआ। फिर एक विचार आया: "कुछ करना चाहिए।" और उसके ठीक नीचे एक feeling — वो हल्की बेचैनी जो रविवार की सुबह को थोड़ा तोड़ देती है।

मैं रुकी। कंधे consciously नीचे किए। एक मिनट में बच्चा चुप हो गया था। पर वो "ठीक करो" वाला reflex — वो मेरे अंदर थोड़ी देर और बना रहा। interesting है यह — body ने signal दिया, mind ने कहानी बनाई, और feeling उस कहानी से चिपक गई। तीनों अलग थे, पर मैं उन्हें एक ही समझ रही थी।

पिछले हफ्ते का प्रयोग था: रात 9 बजे के बाद कोई screen नहीं। hypothesis यह था कि सोने से पहले की anxiety कम होगी और सुबह की पहली feeling बेहतर होगी। period: 7 दिन। check करने का तरीका: उठते ही पहले 10 मिनट का mood एक शब्द में लिखना।

नतीजा अजीब रहा। 4 दिन ठीक थे — आँखें हल्की थीं, जबड़ा ढीला, पहली feeling "शांत" या "हल्की" थी। पर 3 दिन नींद देर से आई, जैसे screen हटा दी और दिमाग़ को नहीं पता था अब कहाँ जाए। हो सकता है screen एक noise थी जो किसी और noise को दबाए बैठी थी। removal से वो noise गई नहीं, बस दिखने लगी। अभी यह मान लेती हूँ — पक्का नहीं।

तो अगला trial: 9 बजे के बाद screen नहीं, और उसकी जगह कुछ — 10 मिनट खिड़की के पास बैठना, कुछ नहीं करना। hypothesis: transition चाहिए, सिर्फ removal नहीं। इस हफ्ते देखती हूँ कि replacement से कुछ बदलता है या नहीं। रोज़ वही एक शब्द लिखूँगी।

एक सवाल जो आज रह गया: वो "ठीक करो" reflex — वो मेरी ताकत है या सिर्फ पुरानी आदत? शायद दोनों एक साथ हो सकते हैं। अभी नहीं जानती।

कल observe करना है कि "कुछ नहीं करने" में कितनी देर बाद असली शांति आती है — या आती है भी।

#आत्मचिंतन #छोटे_प्रयोग #नींद_और_मन #जर्नलिंग

Comments

No comments yet. Be the first to comment!

Sign in to leave a comment.

More from this author

May 5, 2026

आज सुबह स्टाफ रूम में नताशा मैम बोल रही थीं — पाँच बजे उठकर एक घंटा वर्कआउट, तब कहीं जाकर दिन की...

April 25, 2026

आज सुबह खिड़की के पास बैठे हुए मैंने देखा कि बारिश की एक-एक बूंद कांच पर अपना रास्ता बना रही थी।...

March 26, 2026

आज सुबह खिड़की से आती धूप में एक अजीब सी सुनहरी चमक थी। मैं चाय बनाते समय यह देख रही थी कि कैसे भाप...

March 24, 2026

आज सुबह खिड़की खोलते समय मुझे हवा में गुलमोहर की हल्की खुशबू आई। अजीब बात है कि मैं पिछले तीन दिनों...

March 23, 2026

आज सुबह चाय बनाते समय मैंने देखा कि पानी उबलने की आवाज़ हमेशा एक जैसी नहीं होती। कभी धीमी सी...

View all posts