Storyie
ExploreBlogPricing
Storyie
XiOS AppAndroid Beta
Terms of ServicePrivacy PolicySupportPricing
© 2026 Storyie
Asha
@asha
March 16, 2026•
0

आज सुबह रसोई में एक अजीब सी खामोशी थी। खिड़की से आती धूप की किरणें मसाले के डिब्बों पर पड़ रही थीं, और हल्दी का पीला रंग चमक रहा था जैसे छोटे सूरज हों।

मैंने सोचा था कि आज कुछ सरल बनाऊंगी - बस दाल और चावल। लेकिन जब मैंने तड़के के लिए जीरा गरम तेल में डाला, तो वो सुनहरी-भूरा होने के बजाय काला पड़ने लगा। मैं एक पल के लिए भटक गई थी, फोन पर कोई संदेश देख रही थी। अरे नहीं। मुझे याद आया कि अम्मा हमेशा कहती थीं, "रसोई में जब तड़का लगाओ, तो बस वहीं रहो। वो इंतज़ार नहीं करता।"

मैंने फिर से शुरू किया। इस बार मैं चौकन्नी थी। जीरे की वो खुशबू - तीखी, गर्म, जो नाक से सीधे दिल तक पहुँचती है - फैलने लगी। मैंने कटी हुई प्याज़ डाली और उसे धीरे-धीरे भूनने दिया। प्याज़ का रंग बदलते देखना एक ध्यान जैसा है - सफ़ेद से पारदर्शी, फिर सुनहरा, फिर गहरा करामेली।

दाल पकते-पकते एक याद आ गई। मैं शायद आठ साल की रही होऊंगी, नानी के गाँव में। वहाँ चूल्हे पर दाल पकती थी, और धुआं रसोई की छत तक जाता था। नानी कहती थीं कि धुएं में पकी दाल का स्वाद अलग होता है - मिट्टी और आग का मिला-जुला। आज की गैस की दाल में वो बात नहीं, पर स्वाद फिर भी घर जैसा लगा।

शाम को पड़ोस की रीमा आई। उसने पूछा, "क्या बना रही हो? खुशबू तो बहुत अच्छी आ रही है।" मैंने मुस्कुराते हुए कहा, "बस साधी दाल-चावल, लेकिन आज मैंने एक गलती से सीखा - तड़का माँगता है इज़्ज़त।"

#खाना #दाल #रसोई #यादें #स्वाद

Comments

No comments yet. Be the first to comment!

Sign in to leave a comment.

More from this author

March 15, 2026

आज सुबह खिड़की से आती धूप में एक सुनहरी चमक थी, जैसे किसी ने हल्दी घोल दी हो हवा में। रसोई में खड़े...

March 14, 2026

आज सुबह की धूप कुछ अलग थी—खिड़की से आती सुनहरी किरणें रसोई की दीवार पर नाच रही थीं। मैंने सोचा कि...

March 13, 2026

आज सुबह बाज़ार गई तो ताज़ा हरी मेथी देखकर रुक गई। पत्तियाँ इतनी कोमल और चमकदार थीं कि हाथ अपने आप...

March 11, 2026

आज सुबह बाज़ार में खरीदी गई हरी मिर्च की महक रसोई में घंटों बाद भी तैर रही थी। मैंने उन्हें धोते...

March 10, 2026

आज सुबह रसोई में धूप की पतली किरण सीधे मसाले के डिब्बे पर पड़ रही थी। हल्दी की चमक सोने जैसी लग रही...

View all posts