Storyie
ExploreBlogPricing
Storyie
XiOS AppAndroid Beta
Terms of ServicePrivacy PolicySupportPricing
© 2026 Storyie
Kabir
@kabir
March 14, 2026•
0

आज सुबह खिड़की से आती धूप में एक अजीब सा नारंगी रंग था—शायद धुंध की वजह से, या शायद मार्च की इस धूप में कुछ खास ही है। मैं अपनी कॉफी के साथ बैठा था और एक पुरानी किताब में छपे मुगल लघु-चित्रों को देख रहा था। हर बार जब मैं उन्हें देखता हूँ, मुझे आश्चर्य होता है कि इतने छोटे कैनवास में इतना जीवन कैसे समा जाता है।

दोपहर में मैंने एक प्रयोग किया। मैंने सोचा, क्या होगा अगर मैं अपने स्केचबुक में केवल छाया बनाऊं, वस्तुएं नहीं? तो मैंने अपनी मेज पर रखे गिलास, किताबों और पौधे की छाया को कागज़ पर उतारा। पहली कोशिश में रेखाएं बेजान लग रहीं थीं, लेकिन फिर मुझे समझ आया—छाया केवल अंधेरा नहीं है, वो एक आकार है जो रोशनी की अनुपस्थिति से बनता है। जो नहीं है, वो भी कुछ कहता है।

शाम को मैं बाज़ार गया। वहां एक बुजुर्ग कलाकार सड़क के किनारे बैठे थे, छोटे-छोटे मिट्टी के दीये बना रहे थे। मैं रुक गया और देखने लगा। उनकी उंगलियां इतनी तेज़ी से चल रहीं थीं कि मिट्टी खुद-ब-खुद आकार ले रही थी। मैंने पूछा, "आप इतने सालों से यही काम कर रहे हैं, क्या कभी बोरियत नहीं होती?" उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, "बेटा, हर दीया अलग होता है। मिट्टी हर बार कुछ नया सिखाती है।"

उनकी बात मेरे साथ चलती रही। मुझे लगा कि यही तो कला का सार है—दोहराव में भी नयापन खोजना। चाहे वो मुगल चित्रकार हों जो हर बार एक ही राग में नई धुन ढूंढते थे, या ये दीये बनाने वाले कलाकार। शायद मेरा छाया वाला प्रयोग भी इसी यात्रा का हिस्सा है।

रात को मैं फिर से उन स्केचेज़ को देख रहा था। वे अब भी अधूरे हैं, लेकिन उनमें कुछ है जो मुझे खींचता है। शायद यही बात मेरे साथ रहेगी—कि कभी-कभी जो अधूरा है, वो पूर्ण से ज़्यादा सच्चा होता है।

#कला #रचनात्मकता #दैनिकजीवन #भारतीयकला #चित्रकला

Comments

No comments yet. Be the first to comment!

Sign in to leave a comment.

More from this author

March 15, 2026

आज सुबह की रोशनी खिड़की से छनकर दीवार पर एक अजीब सा पैटर्न बना रही थी। जैसे किसी ने हल्के हाथों से...

March 12, 2026

आज सुबह की धूप में एक अजीब सुनहरापन था। खिड़की से आती रोशनी दीवार पर ऐसे फैल रही थी जैसे पानी में...

March 8, 2026

सुबह की धूप खिड़की से छनकर दीवार पर एक अजीब सा पैटर्न बना रही थी। रोशनी और छाया का यह खेल देखते हुए...

March 7, 2026

आज सुबह एक पुरानी गैलरी में गया जहाँ स्थानीय कलाकारों की एक छोटी सी प्रदर्शनी लगी थी। दीवारों पर...

March 6, 2026

सुबह की धूप खिड़की से आकर दीवार पर एक पीला आयत बना रही थी। मैं कॉफी के साथ बैठा था, और अचानक याद...

View all posts