आज का इरादा था कि कश्मीरी गेट से लाल क़िला तक पैदल जाऊँगा — मेट्रो वाली लाइन के नीचे-नीचे, सड़क...
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आज का इरादा था कि कश्मीरी गेट से लाल क़िला तक पैदल जाऊँगा — मेट्रो वाली लाइन के नीचे-नीचे, सड़क...
आज सोचा था कि Jama Masjid के गेट नंबर एक से निकलूँगा और Chawri Bazar मेट्रो तक पैदल जाऊँगा। सात-आठ...
आज का इरादा था — Lal Qila मेट्रो से Delhi Gate तक पैदल, सीधी सड़क, बहुत दूर नहीं। पर गेट से निकलते...
आज का इरादा था — चाँदनी चौक मेट्रो से निकलकर पुराने बाज़ार की तरफ़ पैदल, फिर नली-वाली गली होते हुए...
आज का plan था Chandni Chowk मेट्रो से निकलकर Kashmere Gate तक पैदल जाना। दूरी ज़्यादा नहीं — तीन...
आज का plan था Chandni Chowk से Kashmere Gate तक पैदल — मेट्रो की Red Line के नीचे-नीचे, ऊपर से नहीं। सुबह साढ़े आठ बजे निकला। सोचा था दो घंटे लगेंगे। लगे चार। पाँव ने तीन घंटे तक कुछ नहीं कहा, फिर एकदम से बोलने लगे।
Chandni Chowk गेट नंबर तीन से बाहर निकला — या निकलने की कोशिश की। असल में निकला नंबर एक से, क्योंकि मैंने फ़ोन उल्टा पकड़ रखा था और नक़्शे पर उत्तर दक्षिण लग रहा था। दो मिनट बाद जब सड़क ग़लत दिशा में जाने लगी, तब समझ आया। ख़ैर।
Fatehpuri की तरफ़ मुड़ते वक़्त एक पुरानी दुकान दिखी — "श्री राम ट्रेडर्स (1947 स्थापित)" लिखा था, लेकिन बोर्ड इतना झुका हुआ था कि "1947" थोड़ा शर्मिंदा-सा लग रहा था। दुकान में क्या बिकता है, यह मुझे आज भी नहीं पता। अंदर एक पंखा घूम रहा था और एक आदमी सो रहा था। शायद यही दुकान है।
Nicholson Road के मोड़ के पास एक थड़ी पर रुका — कुल्हड़ की चाय। चाय कड़वी थी, जितनी होनी चाहिए। कुल्हड़ को होंठ से लगाते ही मिट्टी की वो गंध आई जो किसी और चीज़ में नहीं होती। दुकानदार ने बिना पूछे दूसरा कुल्हड़ बढ़ाया — मैंने ना में हाथ हिलाया तो उन्होंने "अच्छा किया" वाले भाव से सिर हिलाया।
Kashmere Gate तक पहुँचते-पहुँचते सड़क थोड़ी खुलने लगी — दुकानें कम, आसमान ज़्यादा। वापसी मेट्रो से की। बैठते ही नींद आ गई और एक स्टेशन आगे उतरा। पाँव ने इसका विरोध नहीं किया — शायद उन्हें भी उम्मीद नहीं थी।
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