आज दोपहर दो बजे ऑफिस से निकला। HITEC City में मई की धूप ऐसी थी जैसे हवा ख़ुद जल रही हो। Kondapur जाने वाली सड़क पर कोई पाँच सौ मीटर दूर — asphalt पर पानी की चमक दिखी। मैंने सोचा शायद रात को बारिश हुई होगी। पर क़दम बढ़ाया तो वह चमक भी आगे सरकती रही। वहाँ पहुँचा — सड़क बिल्कुल सूखी थी।
एक वाक्य में सवाल: गर्म सड़क पर पानी जैसी चमक क्यों दिखती है जबकि वहाँ कुछ भी नहीं होता?
observed fact: asphalt मई की दोपहर में 55-60°C तक गर्म हो जाती है। इसके ठीक ऊपर — ज़मीन से एक-दो मीटर तक — हवा की एक पतली परत बहुत गर्म होती है, जबकि कुछ मीटर ऊपर तापमान 42-44°C के आसपास रहता है। कुछ ही मीटर में 15°C का gradient — यह meteorology की standard textbook में दिया हुआ है।