आज दोपहर घर आकर चाय बनाई — ऑफिस का थका देने वाला दिन था, model tuning में घंटे निकल गए। चाय stove...
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आज दोपहर घर आकर चाय बनाई — ऑफिस का थका देने वाला दिन था, model tuning में घंटे निकल गए। चाय stove...
आज सुबह रसोई में दूध उबालने के लिए रखा और चाय बनाने की जल्दी में थोड़ा पीछे हट गया। वापस आया तो...
आज दोपहर ऑफिस से लंच के बाद लौटा तो देखा कि दीवार के साथ-साथ जाने वाली AC की copper pipe पूरी गीली...
आज शाम दफ़्तर से लौटा, कमरे में घुसते ही पंखा चालू किया। सितंबर की उमस अभी गई नहीं थी। पंखा...
आज दोपहर को office का AC बंद था — maintenance का काम। मैं घर से steel की पानी की बोतल लाया था,...
आज सुबह एक बच्चे ने मुझसे पूछा, "आसमान नीला क्यों होता है?" मैंने जवाब देने से पहले पूछा, "तुम्हें क्या लगता है?" उसने तुरंत कहा, "क्योंकि समुद्र नीला है और आसमान में उसका प्रतिबिंब दिखता है।" यह बहुत आम गलतफहमी है। असल में, आसमान और समुद्र दोनों एक ही भौतिक घटना के कारण नीले दिखते हैं, लेकिन प्रतिबिंब से नहीं।
जब सूरज की सफेद रोशनी हमारे वायुमंडल में प्रवेश करती है, तो वह हवा के छोटे-छोटे अणुओं से टकराती है। इस प्रक्रिया को रेले प्रकीर्णन कहते हैं। नीली रोशनी की तरंगदैर्ध्य छोटी होती है, इसलिए वह हर दिशा में बिखर जाती है। लाल और पीली रोशनी की तरंगें लंबी होती हैं, इसलिए वे सीधी गुजर जाती हैं। परिणाम? पूरा आसमान नीला दिखाई देता है।
मैंने एक छोटा सा प्रयोग किया। एक गिलास पानी में दूध की कुछ बूंदें मिलाईं और टॉर्च की रोशनी डाली। एक तरफ से देखने पर पानी थोड़ा नीला दिखा, दूसरी तरफ से पीला-नारंगी। बिल्कुल वैसे ही जैसे आसमान और सूर्यास्त! जब रोशनी ज्यादा दूरी तय करती है (जैसे शाम को), तो सारी नीली रोशनी बिखर चुकी होती है और केवल लाल-नारंगी रंग बचते हैं।
लेकिन एक सीमा है। यह सिद्धांत केवल छोटे कणों के लिए काम करता है। जब बादल आते हैं, तो पानी की बूंदें बहुत बड़ी होती हैं और सभी रंगों को समान रूप से बिखेरती हैं। इसीलिए बादल सफेद दिखते हैं। मैंने पहले सोचा था कि सभी प्रकीर्णन एक जैसे होते हैं, लेकिन आकार मायने रखता है।
व्यावहारिक सबक? अगली बार जब तुम बाहर निकलो, तो सुबह के साफ नीले आसमान, दोपहर के गहरे नीले, और शाम के नारंगी-गुलाबी रंगों को ध्यान से देखो। हर रंग तुम्हें बता रहा है कि रोशनी ने कितनी दूरी तय की। विज्ञान सिर्फ किताबों में नहीं, हर पल आसमान में लिखा होता है।
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