आज शाम दफ़्तर से लौटा, कमरे में घुसते ही पंखा चालू किया। सितंबर की उमस अभी गई नहीं थी। पंखा धीरे-धीरे गति पकड़ रहा था — और तभी देखा कि एक पंखुड़ी के किनारे पर पानी की एक छोटी-सी बूँद टिकी है। पंखा तेज़ हुआ, बूँद थोड़ी बाहर की ओर खिंची, पर उड़ी नहीं। यह अटपटा लगा।
सवाल सीधा था: घूमती पंखुड़ी बूँद पर centrifugal effect — केन्द्रापसारी प्रभाव — डालती है, यानी बूँद को बाहर धकेलती है। फिर वह रुकी क्यों?
यहाँ दो बल आमने-सामने हैं। पहला — centrifugal effect, जो बूँद को बाहर की ओर धकेलता है। दूसरा — surface tension (सतह तनाव) और adhesion (चिपकाव), जो बूँद को सतह से बाँधे रखते हैं। surface tension वह गुण है जिसमें पानी के अणु सतह पर एक-दूसरे को इस तरह खींचते हैं जैसे कोई पतली झिल्ली हो — इसी वजह से सुई पानी पर तैर सकती है।