आज सुबह मेरी कॉफी की चुस्की के साथ एक छोटी सी खोज हुई। मैंने अपनी पुरानी नोटबुक को देखा तो पाया कि पिछले महीने के सभी काम बेतरतीब तरीके से लिखे हुए थे। कोई सिस्टम नहीं, कोई ढांचा नहीं। यह देखकर मुझे लगा कि मुझे एक सरल लेकिन प्रभावी तरीका चाहिए जो डिजिटल और पेपर दोनों को जोड़े।
मैंने तय किया कि आज एक हाइब्रिड नोट सिस्टम बनाऊंगा। सबसे पहले, मैंने अपनी नोटबुक को तीन हिस्सों में बांटा: डेली टास्क, आइडियाज़, और रिफ्लेक्शन। फिर मैंने हर सेक्शन के लिए अलग रंग के स्टिकर लगाए। यह छोटा सा बदलाव था, लेकिन जब मैंने इसे खोला तो तुरंत पता चल गया कि कहां जाना है।
एक गलती जो मैंने की: शुरुआत में मैंने सोचा कि हर चीज़ को डिजिटल में रखना बेहतर है। लेकिन जब मैं फोन पर नोट्स ढूंढने में 10 मिनट बर्बाद कर रहा था, तब समझ आया कि कुछ चीजें हाथ से लिखना ज़्यादा तेज़ है। समाधान: रोज़ाना के काम पेपर पर, लॉन्ग-टर्म आइडिया डिजिटल में।