रात के नौ बजे थे जब उसने दीवार से आखिरी तस्वीर उतारी। नीचे टेप के चार पीले निशान रह गए — जैसे किसी...
रात के नौ बजे थे जब उसने दीवार से आखिरी तस्वीर उतारी। नीचे टेप के चार पीले निशान रह गए — जैसे किसी...
कमरे में एक खाली थर्मस था और दीवार पर टेप के चार निशान। वह रात के ग्यारह बजे सामान बाँध रही थी।...
रात के ग्यारह बज रहे थे जब उसने आख़िरी कार्टन बंद किया। कमरा अजीब लग रहा था — जैसे किसी ने उसकी...
रात के ग्यारह बजे थे जब उसने आख़िरी दराज़ खाली की। अंदर एक Nokia चार्जर था, जिसकी तार कहीं से टूटी...
रात के ग्यारह बजे थे जब उसने आखिरी कार्टन दरवाज़े के बाहर रखा। तीन साल में यही सीखा था — घर बदलने...
रात के दो बजे थे जब उसने आख़िरी कार्डबोर्ड बॉक्स बंद किया।
कमरा अब खाली था। छत के पंखे के नीचे एक पुरानी nokia चार्जर की तार लटकी हुई थी — वो भूल गई थी उसे। दीवार पर तीन जगह टेप के निशान थे, हल्के पीले, जैसे किसी की उँगलियाँ छूकर चली गई हों।
उसने बॉक्स को दरवाज़े के पास धकेला और वापस बीच कमरे में आ गई।
एक आवाज़ आई — पड़ोस के घर से, शायद कोई बर्तन गिरा। फिर चुप्पी।
उसने याद करने की कोशिश की — इस कमरे में क्या था। एक चारपाई, एक अलमारी, एक सीलन भरी दीवार जिस पर उसने अपना टाइमटेबल चिपकाया था। वो टाइमटेबल पाँच साल पहले उखाड़ा था, पर टेप के निशान रह गए थे।
खिड़की से बाहर देखा। मोहल्ला सोया हुआ था। एक कुत्ता धीरे-धीरे चल रहा था, कहीं नहीं जाते हुए।
उसने जेब से मोबाइल निकाला। स्क्रीन पर एक पुराना message था — "कमरा छोड़ते वक्त खिड़की बंद करना मत भूलना।" माँ ने भेजा था, तीन साल पहले, जब वो पहली बार यहाँ आई थी।
उसने message पढ़ा, फिर रख दिया।
कमरे की CFL एक बार झिलमिलाई और फिर स्थिर हो गई।
उसने nokia चार्जर की तार दीवार से निकाली और बॉक्स में डाल दी।
खिड़की बंद की।
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