आज शाम छत पर खड़ा था जब पहली बारिश गिरी। अप्रैल का आख़िरी हफ्ता, Hyderabad की गर्मी, और अचानक वो दस मिनट की बौछार। बारिश रुकी नहीं थी कि वो खुशबू आई — मिट्टी जैसी, थोड़ी तीखी, थोड़ी भीगी। हर बार यही होता है, हर बार मैं रुक जाता हूँ। सोचा आज इसे ठीक से काग़ज़ पर उतारूँगा।
सवाल बस यह था: यह खुशबू कहाँ से आती है?
यह "petrichor" है — 1964 में Bear और Thomas ने यह नाम रखा। [widely accepted theory।] इसमें मुख्य भूमिका है geosmin की — एक organic compound जो मिट्टी के bacteria, खासकर actinomycetes, बनाते हैं। इसकी detection threshold लगभग 5 parts per trillion है। यानी 10¹² अणुओं में से 5 भी हमारी नाक को पकड़ने के लिए काफी हैं। यह संख्या ठीक से समझें तो हैरान करने वाली है — हमारी घ्राण शक्ति कुछ instruments से भी तेज़ है इस compound के लिए।