आज सुबह रसोई में चाय बना रहा था। काउंटर पर दो चम्मच पड़े थे — एक स्टील का, एक लकड़ी का। दोनों रात भर वहीं रहे, खिड़की से दूर, सीधे धूप नहीं पड़ी। जब बारी-बारी से उठाए, स्टील वाला साफ़ ठंडा लगा, लकड़ी वाला लगभग neutral। रुककर सोचा — दोनों का तापमान एक ही होना चाहिए, फिर यह अंतर क्यों?
यह सिर्फ शक नहीं, verified observation है। कमरे का thermometer 26–27°C दिखा रहा था। दोनों चम्मच उसी तापमान पर थे। "ठंडक" का स्रोत temperature नहीं हो सकता — कुछ और है।
जवाब है thermal conductivity — ऊष्मा चालकता। इसका मतलब: किसी पदार्थ की क्षमता कि वह ऊष्मा को अपने भीतर से कितनी तेज़ी से गुज़ारे। स्टील की thermal conductivity लगभग 15–50 W/(m·K) होती है (grade के हिसाब से अलग-अलग)। लकड़ी की सिर्फ 0.1–0.2 W/(m·K)। अनुपात करीब 100 से 500 गुना का है। यह सामान्य thermodynamics की किताबों में मिलने वाली संख्याएँ हैं, कोई विशेष claim नहीं।